उन्होंने शनिवार को तेहरान में चौदहवें शहीद रजाई फ़ेस्टिवल में इस बात पर बल देते हुए कि ईरानी जनता अमरीकी दबाव के सामने नहीं झुकेगी, कहा कि ईरानी राष्ट्र वाइट हाउस के नए सत्ताधारी वर्ग के दबाव से तनिक भी नहीं घबराएगा। उन्होंने कहा कि वाइट हाउस के नये सत्ताधारी वर्ग को ख़ुद नहीं पता कि वह क्या कहता और क्या करता है और वे आपस में ही भिड़े हुए हैं।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी का कहना है कि वाइट हाऊस में पहुंचने वाला गुट न केवल इस्लामी गणतंत्र ईरान से बल्कि अपने प्राचीन और पारंपरिक दोस्तों और उन देशों से जिनसे उसके बहुत अच्छे आर्थिक संबंध हैं, उलझा हुआ है।
उनका कहना था कि अमरीका एक ओर ईरानी राष्ट्र पर दबाव डाल रहा है और दूसरी ओर विभिन्न चैनलों से वार्ता का निमंत्रण दे रहा है। राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि अमरीकी दोहरा मापदंड रखते हैं और आज का युद्ध, आर्थिक और प्रचारिक युद्ध है।
ज्ञात रहे कि आठ मई 2018 को परमाणु समझौते से निकलने के बाद से अमरीका ने ईरान पर फिर से व्यापक दबाव डालना शुरु कर दिया है।